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भारत में क्रिप्टो SIP: हर महीने निवेश कैसे काम करता है और टैक्स
क्रिप्टो SIP या DCA कैसे काम करता है, भारतीय एक्सचेंज पर कैसे लगता है, बेचने पर हर ख़रीद पर टैक्स कैसे लगता है और इसके जोखिम क्या हैं। मुफ़्त SIP कैलकुलेटर भी।
यह कैसे काम करता है
आप एक रकम चुनते हैं, जैसे ₹1,000, और समय, जैसे हर हफ़्ते या हर महीने। एक्सचेंज अपने आप ख़रीदता है। कीमत कम हो तो ज़्यादा यूनिट मिलती हैं, ज़्यादा हो तो कम। कई भारतीय एक्सचेंज ऑटोमैटिक ख़रीद देते हैं।
पुरानी कीमतों से अंदाज़ा लगाएँ: क्रिप्टो SIP कैलकुलेटर।
SIP पर टैक्स
- ख़रीदने पर टैक्स नहीं लगता।
- बेचने पर हर लॉट के मुनाफ़े पर 30% और 4% सेस लगता है।
- एक लॉट का लॉस दूसरे के मुनाफ़े से नहीं घटता। FIFO और कॉस्ट बेसिस।
- बिक्री मूल्य पर 1% TDS कटता है, जो ज़्यादा कटा हो तो वापस मिल सकता है।
समझने लायक जोखिम
- क्रिप्टो 70% या ज़्यादा गिर सकता है और सालों नीचे रह सकता है। SIP इससे नहीं बचाता।
- छोटी और बार-बार की ख़रीद पर फ़ीस और स्प्रेड जुड़ते हैं।
- SIP का पैसा इमरजेंसी फ़ंड से अलग रखें।
ख़ुद से पूछें
क्या यह पैसा कई साल तक नहीं चाहिए? क्या बीमा और इमरजेंसी फ़ंड तैयार है? क्या आधा गिरने पर भी चैन रहेगा? पक्का न हो तो SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से बात करें।