सीखें
क्रिप्टो में ठगी हो गई? पहले एक घंटे में क्या करें
क्रिप्टो स्कैम का शिकार हुए? 1930 पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, एक्सचेंज और बैंक को बताएँ और सबूत सँभालें। सही क्रम में पूरे कदम।
पहला कदम: अभी शिकायत करें
1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जो पैसा अभी-अभी बैंक या UPI से गया है, जल्दी शिकायत करने पर कभी-कभी फ़्रीज़ हो सकता है। अपना शिकायत नंबर लिख लें।
दूसरा कदम: एक्सचेंज को बताएँ
अगर पैसा किसी भारतीय एक्सचेंज से गया है, तो ऐप के आधिकारिक सपोर्ट से संपर्क करें। उन्हें ट्रांज़ैक्शन हैश और ठग का एड्रेस दें। जो पैसा उनके प्लेटफ़ॉर्म पर पहुँचता है, उसे एक्सचेंज कभी-कभी रोक सकते हैं।
तीसरा कदम: बैंक को बताएँ
अगर आपने UPI या बैंक ट्रांसफ़र से पैसे दिए, तो बैंक की फ़्रॉड हेल्पलाइन पर कॉल करें और विवाद दर्ज कराएँ।
चौथा कदम: बचा हुआ पैसा सुरक्षित करें
- अगर आपने सीड फ़्रेज़ किसी को बताई है, तो बचा हुआ पैसा तुरंत नए वॉलेट में भेजें, जिसकी सीड फ़्रेज़ भी नई हो।
- अगर आपने किसी नकली कॉन्ट्रैक्ट को अनुमति दी है, तो टोकन अप्रूवल हटाएँ।
- एक्सचेंज का पासवर्ड बदलें और ऑथेंटिकेटर ऐप वाला 2FA चालू करें।
पाँचवाँ कदम: सबूत सँभालें
चैट, यूज़रनेम, फ़ोन नंबर, वेबसाइट, स्क्रीनशॉट, वॉलेट एड्रेस और ट्रांज़ैक्शन हैश सब रखें। ब्लॉक एक्सप्लोरर पर अपना ट्रांज़ैक्शन ढूँढकर उसका पेज सेव करें। ब्लॉक एक्सप्लोरर कैसे पढ़ें।
छठा कदम: रिकवरी स्कैम से बचें
नुकसान के बाद "रिकवरी एक्सपर्ट", "हैकर" या नकली पुलिस आपसे संपर्क कर सकते हैं और फ़ीस लेकर पैसा वापस दिलाने का वादा कर सकते हैं। असली पुलिस और अदालतें जाँच के लिए आपसे पैसे नहीं लेतीं।
क्या टैक्स में यह नुकसान घटेगा?
भारत के क्रिप्टो टैक्स नियमों में लॉस सेट-ऑफ़ की अनुमति नहीं है, और स्कैम से हुए नुकसान के लिए कोई साफ़ राहत नहीं है। बड़ी रकम हो तो CA से बात करें।