टैक्स और नीति
क्रिप्टो के लिए ITR-2 या ITR-3: कौन-सा फ़ॉर्म भरें?
सैलरी के साथ क्रिप्टो मुनाफ़ा? रोज़ ट्रेडिंग? जानिए भारत में क्रिप्टो इनकम के लिए ITR-2 और ITR-3 में से कैसे चुनें, और ITR-1 क्यों नहीं चलेगा।
गलत फ़ॉर्म चुनना भारत में क्रिप्टो फ़ाइलिंग की सबसे आम गलतियों में से एक है। अच्छी बात यह है कि हर फ़ॉर्म किसके लिए है, यह जान लें तो चुनाव आसान है।
ITR-1 और ITR-4 क्यों नहीं चलते
ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) सरल फ़ॉर्म हैं। दोनों में Schedule VDA नहीं है, जहाँ क्रिप्टो ट्रांसफ़र दिखाए जाते हैं। अगर आपकी कोई भी क्रिप्टो इनकम थी, तो आपको ITR-2 या ITR-3 चाहिए।
ITR-2 कब भरें
ITR-2 उन व्यक्तियों और HUF के लिए है जिनकी बिज़नेस या प्रोफ़ेशनल इनकम नहीं है। यह आपके लिए है अगर आपकी इनकम इनसे आती है:
- सैलरी या पेंशन,
- मकान से किराया,
- शेयर, म्यूचुअल फ़ंड या प्रॉपर्टी से कैपिटल गेन,
- ब्याज और दूसरे स्रोत,
- और निवेश के तौर पर रखा क्रिप्टो।
नौकरी के साथ क्रिप्टो ख़रीदकर रखने वाले या कभी-कभी ट्रेड करने वाले ज़्यादातर लोग इसमें आते हैं।
ITR-3 कब भरें
ITR-3 उन व्यक्तियों और HUF के लिए है जिनकी बिज़नेस या प्रोफ़ेशनल इनकम है। इसे भरें अगर:
- आप फ़्रीलांसर, कंसल्टेंट या बिज़नेस चलाते हैं, चाहे क्रिप्टो हो या न हो, या
- आप इतनी बार और व्यवस्थित तरीक़े से क्रिप्टो ट्रेड करते हैं कि उसे बिज़नेस मानते हैं।
कितने ट्रेड पर क्रिप्टो बिज़नेस बन जाता है, इसकी कोई तय संख्या नहीं है। ट्रेड की संख्या, रकम, कितने दिन होल्ड किया, क्या यह आपका मुख्य काम है और पिछले सालों में आपने इसे कैसे दिखाया, ये सब मायने रखते हैं। एक बार बिज़नेस ट्रीटमेंट चुन लिया, तो हर साल वही रखें।
क्या फ़ॉर्म से टैक्स बदलता है?
रेट नहीं बदलता। दोनों में क्रिप्टो मुनाफ़े पर 30% टैक्स और सेस लगता है, और दोनों में:
- सिर्फ़ ख़रीद की लागत घटाई जा सकती है,
- लॉस न सेट-ऑफ़ होता है न आगे ले जाया जा सकता है, और
- 1% TDS टैक्स के सामने क्लेम किया जा सकता है।
फ़र्क़ दिखाने के तरीक़े में है। ITR-3 में आपको बहीखाते रखने पड़ सकते हैं और एक तय सीमा से ऊपर ऑडिट भी कराना पड़ सकता है। इससे ख़र्च और काम बढ़ता है।
झटपट फ़ैसला
| आपकी स्थिति | फ़ॉर्म |
|---|---|
| सैलरी है, कुछ क्रिप्टो ख़रीदा और बेचा | ITR-2 |
| सैलरी है, शेयर और म्यूचुअल फ़ंड भी हैं | ITR-2 |
| फ़्रीलांसर या बिज़नेस, साथ में कोई भी क्रिप्टो | ITR-3 |
| फ़ुल-टाइम क्रिप्टो ट्रेडर | ITR-3 |
| सिर्फ़ ख़रीदा और रखा, कुछ नहीं बेचा | अगर कोई और वजह न हो, तो ITR-1 भी चल सकता है |
फ़ॉर्म चुनने के बाद, हर ट्रांसफ़र दिखाने के लिए हमारी Schedule VDA गाइड देखें, और नियमों के लिए क्रिप्टो टैक्स की पूरी गाइड पढ़ें।