टैक्स और नीति
ITR में Schedule VDA कैसे भरें, स्टेप बाय स्टेप
ITR में क्रिप्टो दिखाने के लिए Schedule VDA भरने की पूरी गाइड: कौन-सा फ़ॉर्म चुनें, हर कॉलम का मतलब, TDS कैसे क्लेम करें और आम गलतियाँ।
अगर आपने वित्त वर्ष में कोई भी क्रिप्टो बेचा, स्वैप किया या उससे कुछ ख़रीदा, तो इनकम टैक्स विभाग उसे Schedule VDA (वर्चुअल डिजिटल एसेट) में देखना चाहता है। यह गाइड ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर इस शेड्यूल को स्टेप बाय स्टेप समझाती है, ताकि आप पहली बार में ही सही भरें।
शुरू करने से पहले: रिकॉर्ड इकट्ठा करें
आपको ये चाहिए:
- एक्सचेंज की टैक्स रिपोर्ट, हर उस भारतीय एक्सचेंज से जिसका आपने इस्तेमाल किया। ज़्यादातर एक्सचेंज वित्त वर्ष की "टैक्स रिपोर्ट" या "P&L स्टेटमेंट" डाउनलोड करने देते हैं।
- वॉलेट और DeFi रिकॉर्ड, एक्सचेंज के बाहर किए गए काम के लिए: स्वैप, NFT बिक्री, पेमेंट।
- पोर्टल से और , ताकि आपके PAN पर कटा TDS चेक हो सके।
- हर कॉइन की लागत, रुपये में, उस तारीख की जब आपने उसे लिया।
KoinX, ClearTax या Quicko जैसे टैक्स सॉफ़्टवेयर एक्सचेंज की फ़ाइलें मिलाकर Schedule VDA के लिए तैयार फ़ाइल बना देते हैं। फिर भी कुल रकम अपने रिकॉर्ड से मिला लें।
स्टेप 1: सही ITR फ़ॉर्म चुनें
- ITR-2, अगर आपकी सैलरी, मकान, कैपिटल गेन या दूसरी इनकम है, लेकिन बिज़नेस इनकम नहीं।
- ITR-3, अगर आपकी बिज़नेस या प्रोफ़ेशनल इनकम है, या आप इतना ज़्यादा ट्रेड करते हैं कि उसे बिज़नेस मानते हैं।
Schedule VDA तभी दिखता है जब आप ITR-2 या ITR-3 चुनते हैं। अगर पक्का नहीं है, तो क्रिप्टो के लिए ITR-2 या ITR-3 पढ़ें।
स्टेप 2: Schedule VDA खोलें
ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर e-File → Income Tax Returns → File Income Tax Return पर जाएँ, असेसमेंट ईयर और फ़ाइलिंग मोड चुनें, फिर फ़ॉर्म चुनें। शेड्यूल की लिस्ट में Schedule VDA खोलें और Add details दबाएँ।
स्टेप 3: हर लाइन भरें
हर लाइन एक ट्रांसफ़र है। अगर आपने अलग-अलग कीमत पर ख़रीदे कॉइन बेचे हैं, तो हर लॉट की अलग लाइन होगी।
| कॉलम | क्या भरें |
|---|---|
| Date of acquisition | जब आपने कॉइन ख़रीदा या पाया |
| Date of transfer | जब आपने उसे बेचा, स्वैप किया या ख़र्च किया |
| Head under which income is taxed | कैपिटल गेन, या बिज़नेस इनकम अगर आप ट्रेडिंग को बिज़नेस की तरह करते हैं |
| Cost of acquisition | रुपये में आपने कितना चुकाया। फ़ीस आम तौर पर शामिल नहीं होती |
| Consideration received | रुपये में आपको कितना मिला, या जिस कॉइन में स्वैप किया उसकी रुपये में कीमत |
| Income from transfer | बिक्री मूल्य घटा लागत। लॉस हो तो शून्य लिखें |
लॉस को किसी और मुनाफ़े से घटाया नहीं जा सकता, इसलिए "income" कॉलम कभी शून्य से नीचे नहीं जाता। एक लाइन पर ₹10,000 का लॉस दूसरी लाइन के ₹10,000 के मुनाफ़े को कम नहीं करता। देखें क्रिप्टो लॉस सेट-ऑफ़ क्यों नहीं होता।
स्टेप 4: बहुत सारे ट्रांज़ैक्शन हों तो
एक्टिव ट्रेडर की सैकड़ों लाइनें हो सकती हैं। हर एक टाइप करने के बजाय, जहाँ सुविधा हो, ऑफ़लाइन यूटिलिटी या CSV इम्पोर्ट से एक साथ अपलोड करें। टैक्स सॉफ़्टवेयर आम तौर पर सही फ़ॉर्मेट में फ़ाइल बना देते हैं।
स्टेप 5: अपना TDS क्लेम करें
एक्सचेंज ने जो 1% TDS काटा, वह आपके AIS में दिखता है। पक्का करें कि वह रिटर्न के TDS शेड्यूल (सैलरी के अलावा इनकम पर TDS) में आपकी क्रिप्टो इनकम के सामने दिख रहा हो। अगर TDS बकाया टैक्स से ज़्यादा है, तो बाक़ी रकम रिफ़ंड होती है। ज़्यादा जानकारी: क्रिप्टो TDS और रिफ़ंड।
स्टेप 6: बाक़ी टैक्स भरें और रिटर्न जमा करें
Schedule VDA की कुल इनकम का 30% निकालें, 4% सेस जोड़ें, TDS घटाएँ, और जो बचे उसे फ़ाइल करने से पहले सेल्फ़-असेसमेंट टैक्स के रूप में भरें। फिर रिटर्न सबमिट करें और आधार OTP, नेट बैंकिंग या किसी और तरीक़े से ई-वेरिफ़ाई करें।
आम गलतियाँ
- ITR-1 इस्तेमाल करना। इसमें Schedule VDA नहीं है, और क्रिप्टो इनकम के साथ इस पर भरा रिटर्न डिफ़ेक्टिव माना जा सकता है।
- क्रिप्टो को "Income from other sources" में दिखाना। ट्रांसफ़र से हुआ मुनाफ़ा Schedule VDA में जाता है। एयरड्रॉप और स्टेकिंग रिवॉर्ड अलग मामला है; देखें एयरड्रॉप पर टैक्स।
- स्वैप भूल जाना। ETH से USDT भी ट्रांसफ़र है, भले आपने रुपये छुए ही न हों।
- TDS क्रेडिट छूट जाना। क्लेम नहीं किया तो असल में आप उसे दो बार चुकाते हैं।
- क्रिप्टो फ़्यूचर्स को बिना सोचे Schedule VDA में डालना। INR में सेटल होने वाले डेरिवेटिव बिज़नेस इनकम हो सकते हैं। देखें क्रिप्टो फ़्यूचर्स और ऑप्शन पर टैक्स।
- AIS के अंतर को नज़रअंदाज़ करना। अगर AIS या Form 26AS के आँकड़े आपके रिकॉर्ड से अलग हैं, तो फ़ाइल करने से पहले मिलान करें। देखें AIS और 26AS में अंतर।
- विदेशी एक्सचेंज भूल जाना। विदेशी प्लेटफ़ॉर्म पर किया गया काम भी टैक्सेबल है। देखें Schedule FA।