टैक्स और नीति
Section 194S आसान भाषा में: क्रिप्टो पर 1% TDS और उसे वापस कैसे पाएँ
Section 194S क्रिप्टो पर 1% TDS के बारे में क्या कहता है: ₹50,000 और ₹10,000 की सीमा, कौन काटता है, P2P के नियम, रिफ़ंड और इसका नया सेक्शन नंबर।
अगर आपने किसी भारतीय एक्सचेंज पर क्रिप्टो बेचा है, तो आपने देखा होगा कि हर बिक्री से 1% कट जाता है। यह Section 194S का TDS है। लॉस होने पर भी कटने की वजह से कई लोग उलझ जाते हैं। यहाँ समझिए यह कैसे काम करता है और ज़्यादा कटा TDS वापस कैसे पाएँ।
Section 194S क्या कहता है
Finance Act, 2022 से आया और 1 जुलाई 2022 से लागू Income-tax Act, 1961 का Section 194S कहता है कि जो भी आपको वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) के बदले भुगतान करे, वह भुगतान पर 1% टैक्स स्रोत पर काटे और सरकार के पास जमा करे।
भारतीय एक्सचेंज पर यह एक्सचेंज ख़ुद आपकी बिक्री की रकम से काट लेता है।
सीमा कितनी है
वित्त वर्ष में आपको मिली कुल रकम जब यह सीमा पार करे, तब TDS लगता है:
- ₹50,000, जब भुगतान करने वाला "स्पेसिफ़ाइड पर्सन" हो (मोटे तौर पर ऐसा व्यक्ति या HUF जिसकी बिज़नेस इनकम ऑडिट सीमा से ऊपर न हो), या
- बाक़ी मामलों में ₹10,000।
एक्सचेंज हर यूज़र की सीमा आसानी से ट्रैक नहीं कर पाते, इसलिए अक्सर पहली बिक्री से ही काटते हैं। इसलिए आपको आम तौर पर हर बिक्री पर TDS दिखेगा।
TDS बिक्री मूल्य पर है, मुनाफ़े पर नहीं
यही बात लोगों को सबसे ज़्यादा चौंकाती है।
| उदाहरण | |
|---|---|
| आपने ख़रीदा | ₹1,00,000 में |
| आपने बेचा | ₹80,000 में (लॉस) |
| बिक्री मूल्य का 1% TDS | ₹800 |
आपको नुक़सान हुआ, फिर भी ₹800 कटे। लॉस सेट-ऑफ़ नहीं होता (देखें Section 115BBH), इसलिए इस बिक्री पर आपका टैक्स शून्य है, और ये ₹800 ITR भरने पर रिफ़ंड हो जाते हैं।
स्वैप और P2P ट्रेड
- भारतीय एक्सचेंज पर क्रिप्टो से क्रिप्टो स्वैप: हर स्वैप एक ट्रांसफ़र है, इसलिए एक्सचेंज आम तौर पर क्रिप्टो में या उसके बराबर TDS काटता है।
- P2P ट्रेड: 1% TDS काटने की ज़िम्मेदारी ख़रीदार की है। कई लोग नहीं काटते, जिससे ख़रीदार को टैक्स नोटिस और बेचने वाले के रिकॉर्ड में अंतर आ सकता है। देखें ख़रीदारों के लिए P2P TDS।
- विदेशी एक्सचेंज और DEX: ये आम तौर पर भारतीय TDS नहीं काटते, लेकिन मुनाफ़े पर टैक्स फिर भी बनता है।
TDS कैसे चेक और क्लेम करें
- इनकम टैक्स ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करें और अपना AIS और Form 26AS खोलें।
- देखें कि एक्सचेंज की TDS एंट्री आपके रिकॉर्ड से मिलती हैं।
- ITR भरें और अपने VDA ट्रांसफ़र Schedule VDA में दिखाएँ।
- TDS आपके कुल टैक्स में गिना जाता है। अगर यह बकाया से ज़्यादा है, तो रिफ़ंड मिलता है।
पूरा तरीक़ा: क्रिप्टो TDS रिफ़ंड। अपना अंदाज़ा TDS रिफ़ंड एस्टिमेटर से लगाएँ।
अब यह नियम कहाँ है: Income-tax Act, 2025
1 अप्रैल 2026 से Income-tax Act, 2025 ने 1961 के क़ानून की जगह ली। TDS का नियम वैसा ही रहा:
| नियम | Income-tax Act, 1961 | Income-tax Act, 2025 |
|---|---|---|
| VDA ट्रांसफ़र पर 1% TDS | Section 194S | Section 393(1) |
| सीमा (₹50,000 / ₹10,000) | Section 194S | Section 393(4) |
आपके एक्सचेंज स्टेटमेंट में अब भी "194S" लिखा हो सकता है। पूरा सेक्शन मैप देखें।
आम गलतियाँ
- TDS को ही आख़िरी टैक्स मानकर ITR न भरना।
- लॉस वाले साल के बाद रिफ़ंड क्लेम न करना।
- AIS में TDS के अंतर को नज़रअंदाज़ करना। फ़ाइल करने से पहले एक्सचेंज से ठीक करवाएँ।
- यह मान लेना कि विदेशी एक्सचेंज या DEX पर TDS नहीं कटा, तो टैक्स भी नहीं।
अपनी स्थिति के लिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह लें।